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Friday, 24 April 2015

Modi Government takes on NGOs suspected of hiding their Funding and true agenda


Teesta Setalvad

1. The Narendra Modi led NDA government is extremely serious about the issue of NGOs and their funding. 

2. IB had listed out the names of several NGOs which were bringing in the funds to India only with the intention of spreading a false propaganda and in simple terms, "make India look bad,

3. Government suspended Greenpeace License as they were not showing source of funds or submitting reports

4. Yesterday the Ford Foundation was placed under watch.

5. What is their true agenda?
work for the poor weak?90%  have agendas ranging from breaking the economy, funding terror activities and indulging in large scale conversions?

6. Frances Stonor Saunders writes that the CIA had roped in NGOs not only as fronts but as willing participants in the spy game. She writes that the Ford Foundation and the Rockefeller Foundation were conscious instruments of covert US policy.

7. Ford Foundation has not filed statement of accounts & hence was placed under watch  The mandatory documents such as the balance sheets and the annual reports had not been filed.

8. The Ford Foundation was also said to have contributed 4 lakh dollars to the NGO Kabir which was run by Arvind Kejriwal.


Courtsey  http://www.oneindia.com/india/paid-ngo-of-india-ford-foundation-investigation-1726197.html





एनजीओ के नाम पर चलने वाली देशद्रोही संस्थाओं का काला सच In HINDI



Teesta Setalvad- Sabrang Trust

केंद्र की मोदी सरकार ने भारत में एनजीओं को विदेशों से मिलने वाले चंदे को लेकर काफी गंभीर नजर आ रही है। भारत की खुफिया एजेंसी ने कई ऐसी एनजीओ के नाम और उनके खिलाफ सबूत सरकार को सौंपे हैं जो विदेशी चंदे की आड़ में देश की छवि को दुनिया में बर्बाद करने का काम कर रही हैं।

फोर्ड फाउंडेशन पर सरकार की कड़ी नजर केंद्र सरकार के निशाने पर आने वाली पहली एनजीओ ग्रीनपीस है। इस एनजीओ का गृहमंत्रालय ने लाइसेंस रद्द कर एनजीओ को नोटिस भेजा कि उसने अभी तक अपने चंदे के बारे में सरकार को जानकारी क्यों नहीं दी। यही नहीं इसके बाद फोर्ड फाउंडेशन पर भी केंद्र सरकरा ने कड़ी निगरानी शुरु कर दी है।

देश में ये एनजीओ जो गरीबों के जीवन स्तर को उपर उठाने और उनकी जीविका के लिए काम कर रही हैं। लेकिन क्या वाकई में इन एनजीओ का मुख्य उद्देश्य गरीबों के लिए ही काम करना है या कोई और इसपर सरकार जांच कर रही है।

 सरकार ने 140 संस्थाओं को जारी की चेतावनी
केंद्र सरकार ने 140 एनजीओ को कई बार चेतावनी दी कि अपने चंदे की जानकारी सरकार को मुहैया कराये लेकिन इन सभी चेतावनियों को इन एनजीओ ने नजरअंदाज कर दिया। लेकिन सरकार इन एनजीओ के वास्तविक एजेंडे की जांच के लिए काफी सख्त नजर आ रही है।

 एक तरफ जहां सरकार ने ग्रीनपीस पर भारत की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाने के लिए काम कर रही थी जिसके चलते उसपर पाबंदी लगायी गयी थी। लेकिन फोर्ड मामले में पर सरकार का कहना है कि वह फोर्ड फाउंडेशन पर सिर्फ नजर रख रही है। 

संस्थाओं पर देश विरोधी गतिविधियों में लिप्त होने का शक सरकार का कहना है कि वह फोर्ड को मिलने वाली राशि के बारे में जानना चाहती है। अगर फोर्ड के जरिए देश में सही तरीके से पैसा आ रहा है तो हमें इससे कोई दिक्कत नहीं है। लेकिन जिस तरह से इस संस्था ने अभी तक अपने चंदे के बारे में जानकारी नहीं दी है तो हम उसपर नजर रख रहे हैं। 

अमेरिका की सीआईए के लिए काम करती है फोर्ड 

 सीआईए ने फोर्ड फाउंडेश को सबसे बड़ा फंड देने वाली संस्था बताया था।
 वहीं इस बात का भी खुलासा हुआ था कि फोर्ड सीआईए के लिए ही काम करती है।

 फ्रांस की एक पत्रकार स्टोनर सॉडर्स ने सीआईए के बारे में लिखा था कि सीआईए इन एनजीओ के जरिए देश में जासूसी कर रही है। 

  गुजरात सरकार ने सांप्रदायिकता फैलाने का आरोप लगाया 
गुजरात सरकार ने गृहमंत्रालय से फोर्ड फाउंडेशन के खिलाफ कार्यवाही करने के लिए कहा था। 
गुजरात सरकार का आरोप था कि यह संस्था प्रदेश के मामलों में दखल दे रही है। 
यही नहीं प्रदेश सरकार ने आरोप लगाया था कि यह संस्था तीस्ता सीतलवाड़ की संस्था की मदद से गुजरात का सांप्रदायिक माहौल खराब करना चाहती है।

 सरकार ने फोर्ड के चंदे पर लगायी रोक सरकार ने दो महीने पहले फोर्ड फाउंडेशन के लिए विदेश से आने वाली 5 मिलियन डॉलर की राशि पर भी रोक लगा दी थी। 

सरकार का मानना है कि ज्यादातर चंदा देश के खिलाफ हो रही हरकतों के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। 

केजरीवाल को भी 4 लाख डॉलर का मिला था चंदा
ऐसे में फोर्ड फाउंडेशन पर उठ रहे सवाल इस बात की ओर इशारा करते हैं कि कहीं यह संस्था देशविरोधी कामों को तो बढ़ावा नहीं दे रही है। 

फोर्ड का दावा हमने कुछ भी गलत नहीं किया वहीं इन सब पर फोर्ड फाउंडेशन का कहना है कि सरकार हमारी द्वारा दी जाने वाली संस्थाओं की राशि के बारे में जानना चाहती है। संस्था का कहना है कि हमें मंत्रालय ने अभी तक संपर्क नहीं किया है ना ही हमसे कोई जानकारी मांगी है। साथ ही फोर्ड का कहना है कि हम अतंर्राष्ट्रीय नियमों का पालन करते हैं।
#TrustBJP